Prerak Prasang Book

इस कहानी को पढ़कर आपकी आंखे खुद को रोने से रोक नहीं पाएंगी यह मेरा दावा है। Kahani In Hindi

बच्चों का हिमायती -  प्रेरक प्रसंग

new moral stories in hindi,  moral stories for childrens in hindi,   kahaniya,  story story,  new kahaniyan,  कहानियां कहानियां,  कहानियां कहानियां कहानियां,  की कहानियां,  कहानी सुनाओ,  कहानी वीडियो में,  लालची कहानी,  बच्चों की कहानियां,  मजेदार कहानियां, हिंदी में कहानियां,

यह दूसरे विश्वयुद्ध की बात है। हिटलर ने यूरोप के अनेक देशों पर अधिकार कर लिया था। इनमें पोलैंड भी एक था एक था पोलैंड भी एक था एक इनमें पोलैंड भी एक था एक था। हिटलर के कमांडर यहूदियों के पीछे पड़े हुए थे। उन्हें जहां भी यहूदी मिलते, उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता या मृत्युदंड दे दिया जाता। दे दिया जाता।

यानुश पोलैंड के एक स्कूल में शिक्षक थे। स्कूल में अस्सी यहूदी बच्चे पढ़ते थे। उन्हें भी हिटलर के सेनापतियों ने मौत की सजा दे डाली। उन्हें गैस चेंबर में डालकर मृत्युदंड में डालकर मृत्युदंड देने की सजा सुनाई गई। यानुश बहुत अच्छे शिक्षक थे। उनके पास हिटलर के सेनापति का संदेश आया कि आपको सजा नहीं दी जाएगी। मृत्युदंड का आदेश सिर्फ यहूदी बच्चों को दिया गया है। यानुश ने वापस संदेश भेजा संदेश भेजा, " यदि बच्चों को सजा दी जाती है तो मैं उनके साथ ही मरूंगा। उनसे बहुत अनुरोध किया गया पर वे बच्चों से खुद को अलग करने के लिए तैयार ना हुए।

सजा के दिन गैस चैंबर को जाने वाली वाली को जाने वाली कतार में सबसे आगे खड़े थे यानुश। उनके पीछे वही अच्छी यहूदी बच्चे यहूदी बच्चे। सबसे पहले यानुश चैंबर में गए और उनके बाद वे सभी बच्चे।
इस तरह यानुश ने अपने स्कूली बच्चों के साथ खुद को बलिदान कर दिया।



अनमोल वचन

" डालियों पर खिलते हुए फूल सभी देखते हैं, किन्तु मूल्य तो मिट्टी में मिले हुए उन बीजों का है, जो उपवन की शोभा के लिए शहीद हो जाते हैं। दीपक पर जलने वाले ऐसे शलभ भी होते हैं, जिनका दाह कोई नहीं देखता। कुछ ऐसे भी बलिदान होते हैं, जिन पर सिर्फ ओस के आँसू ही चढ़ते हैं।"

रघुवीरशरण मित्र के अनमोल विचार


 इन्हें भी पढ़ें

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां