Prerak Prasang Book

मदर टेरेसा Inspiring Story in Hindi | prerak prasang |

पवित्र हाथ "प्रेरक प्रसंग"
'मदर टेरेसा'
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मदर टेरेसा
एक बार अमेरिकी सीनेटर जान कैनेडी भारत के शरणार्थी शिविरों का दौरा करने आए | एक शिविर में उन्होंने देखा कि मदर टेरेसा एक असहाय बीमार व्यक्ति की सेवा में लगी हुई है। रोगी उल्टी, दस्त वह खून से लथपथ पड़ा है। मदर पूरी तन्मयता से बीमार की सेवा- सफाई में लगी थी। कैनेडी यह दृश्य देखकर बहुत प्रभावित हुए। वे मदर के निकट गए और श्रद्धा पूर्वक झुक कर बोले, " क्या मैं आपसे हाथ मिला सकता हूं? " मदर टेरेसा अपने हाथों को देखकर बोली, "ओह ! अभी नहीं | अभी मेरे हाथ साफ नहीं है। " कैनेडी ने भाव विह्वल होकर उनके हाथ अपने हाथ में ले लिए और कहा, " नहीं, नहीं, इन्हें गंदे कहकर इनका अपमान मत कीजिए। ये बहुत पवित्र हाथ है | इन पवित्र हाथों को अपने सिर से लगाना मेरा सौभाग्य होगा।"

यह कहते हुए कैनेडी ने मदर टेरेसा के हाथों को अपने सिर पर रख लिया।

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