Prerak Prasang Book

जिम कार्बेट नेशनल पार्क - जेम्स जिम कार्बेट की प्रेरणादायक कहानी | प्रेरक प्रसंग

हवा आने दो 'जिम कॉर्बेट'" प्रेरक प्रसंग "

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जिम कार्बेट
जिम कार्बेट एक मशहूर शिकारी थे | वे कुशल शिकारी तो थे ही, एक अच्छे इंसान भी थे | जिम कार्बेट पर्यावरण प्रेमी थे | प्रकृति से उनका गहरा लगाव था | जिम कार्बेट का पूरा जीवन उत्तराखंड की पहाड़ियों में गुजरा | उन्होंने अनेक नरभक्षी बाघों का शिकार किया और गांव के लोगों को बाघों के डर से छुटकारा दिलाया | उन्होंने उत्तराखंड के लोगों से अनेक बातें सीखी | यहाँ के लोगों को हमेशा अपना हितैषी और मित्र मानते थे | उनका एक मित्र था कुंवर सिंह | एक दिन किसी ने उन्हें खबर दी कि कुंवर से बीमार है और मरने वाला है | कार्बेट, कुंवर सिंह के घर जा पहुंचे | उन्होंने देखा- कुंवर सिंह जमीन पर लेटा है | पास में एक गाय है | तसले में आग जल रही है और उसके आस-पास कई लोग बैठे हैं | लोगों की नजर में कुंवर सिंह मर रहा था |
कार्बेट ने कुंवर सिंह की नस टटोली | उसकी सांसें हल्की हल्की चल रही थी |

कार्बेट ने तुरंत सभी लोगों को बाहर जाने को कहा | उसने गाय को खोलकर बाहर हाँक दिया | उन्होंने कुंवर सिंह के बेटे से कहा-' जल्दी से दो सेर दूध गर्म करो और जितनी जल्दी हो सके मेरे पास ले आओ |' कमरे में दीवार के सहारे टिकाई हुई खाट थी | कार्बेट ने खाट बिछा दी और कुंवर सिंह को उठाकर उस पर लिटा दिया | कमरे में धुआं भर गया था | उसमें घुटन हो रही थी और सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था | 
कार्बेट ने महसूस किया कि इस समय कुंवर सिंह को स्वच्छ और ताजी हवा की सख्त जरूरत है | यह सोचकर उन्होंने इधर-उधर झांका | उन्होंने देखा कि उस छोटे से कमरे की दीवार पर एक छोटी सी खिड़की है | उस खिड़की को लकड़ी के फटटों से ठोक-ठाक कर बंद कर दिया गया था |

कार्बेट उठे और उन्होंने फटटों को तोड़कर खिड़की खोल दी | बाहर से ठंडी हवा के झोंके कमरे में आने लगे | कमरा ठंडी और ताजी हवा से भर गया | उस ताजी हवा ने कुंवर सिंह में प्राणों का संचार कर दिया | ताजी हवा में सांस लेते ही उसकी सांसे बिना किसी रूकावट के चलने लगी | कुंवर सिंह ने आंखें खोल दी | सारे गांववासी यह देखकर आश्चर्यचकित रह गए | सब लोग जिम कार्बेट की सूझ-बूझ की प्रशंसा करने लगे | ठीक होने पर कुंवर सिंह बहुत समय तक जिंदा रहा और कार्बेट का अभिन्न मित्र बन गया |

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